एचटेट लेवल-3 परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, कांग्रेस ने की पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग

Allegations of irregularities in HTET Level-3 exam

Allegations of irregularities in HTET Level-3 exam

चंडीगढ़। Allegations of irregularities in HTET Level-3 exam, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) लेवल-3 (पीजीटी) में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरी परीक्षा रद कर दोबारा कराने की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चार जुलाई को 238 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में प्रश्नपत्रों की टूटी सील, ओएमआर शीट में गड़बड़ी, गलत प्रश्न, टाइपोग्राफिकल त्रुटियां और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है।

सुरजेवाला ने कहा कि रेवाड़ी के संग्लोवा सूरज स्कूल समेत कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को टूटी सील वाले प्रश्नपत्र दिए गए। उनका दावा है कि छात्रों ने इस संबंध में आपत्ति जताई तो उन्हें बताया गया कि ऐसे ही प्रश्नपत्र बोर्ड से प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि दादरी में भी पेपर की सील टूटी मिलने की बात सामने आई, जिसे स्थानीय प्रशासन ने भी स्वीकार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रश्नपत्र पहले से खुले थे तो उनके लीक होने की आशंका से इन्कार कैसे किया जा सकता है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रेवाड़ी और कैथल में प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट के सीरियल नंबर अलग-अलग मिले। कुछ छात्रों को दूसरे अभ्यर्थियों के रोल नंबर वाली ओएमआर शीट दिए जाने तथा बाद में बदलने की शिकायत भी सामने आई।

इसके अलावा बड़ी संख्या में अतिरिक्त ओएमआर शीट उपलब्ध होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि रेवाड़ी में अंग्रेजी विषय के परीक्षार्थियों को पहले अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र दे दिया गया, जिसे बाद में बदला गया।

सुरजेवाला ने प्रश्नपत्र में कई गंभीर त्रुटियों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार कुछ प्रश्न बिना गद्यांश के पूछे गए, एक प्रश्न में वाक्य ही नहीं दिया गया, अंग्रेजी के कई शब्दों की गलत स्पेलिंग छपी और अनुवाद संबंधी गलतियां भी सामने आईं। कामर्स के प्रश्नपत्र में प्रश्न क्रमांक भी गलत छपे होने का आरोप लगाया गया।

कांग्रेस महासचिव ने मांग की कि पूरी एचटेट लेवल-3 परीक्षा तत्काल रद कर दोबारा कराई जाए, प्रश्नपत्र की सील टूटने के मामले में एफआइआर दर्ज हो, जिम्मेदार अधिकारियों और कथित पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।